April 2018

  • रोक दिया

    रख देते आज हाल-ए-दिल खोलके हम अपना कि महबूब ने इन लबों पे हाथ रखके लफ़्ज़ों को रोक दिया… Continue reading

  • गीता

    हुई भोर और शंख बजे और ध्वज सबके लहराए, कुरुक्षेत्र में, धर्मयुद्ध में आर्यावर्त्त के शूर लड़ने आए । Continue reading

  • कम्बख़्त ग़म

    है रूठी मेरी मोहब्बत मुझसे, मेरी रूह भी, मेरा ख़ुदा भी… बस ये कम्बख़्त ग़म ही हैं वफ़ादार, जो रूठने का नाम नहीं लेते । Continue reading

  • मोहब्बत

    अगर न हो मोहब्बत आपकी रज़ा-ए-ख़ुदा में शामिल तो क्या कीजिए ? Continue reading

  • पागल बना छोड़ा

    अगर हमसे न करनी थी मोहब्बत तो ज़ालिम, हमसे यूँ मुलाक़ातें न की होतीं, कि तेरी नज़दीकियों ने हमें ग़ाफ़िल और दूरी ने पागल बना छोड़ा । Continue reading

  • तो फिर क्या बात थी

    कहते हैं वो कि अब न रखेंगे हमसे कोइ राब्ता–पर अगर कहने पे मोहब्बत होती तो फिर क्या बात थी… Continue reading

About Me

Nehaan in Persian means ‘secret’ or ‘hidden.’ In Japanese, the same word means ‘nirvana.’ In these pages, I will make an attempt to explore, and if possible, partly or fully reveal what lies hidden from our view in our day-to-day lives. The path will be characterised by a certain lack of method which I think is characteristic of human intuition. I write and shall continue to write only when inspired to do so. This also means I might occasionally make forays into varied fields such as science, music, philosophy, language, linguistics and poetry, to name a few. I hope this would not put off new readers and tire the old ones! But who am I to complain–even the lovers of fine wine feel repulsed by the first drop and still, quite strangely, dizzy by the last.