पागल बना छोड़ा

अगर इज़हार-ए-मोहब्बत में मुश्किल थी

तो यूँ हमसे आँखें न चार की होतीं

कि तेरी आँखों ने हमें आशिक़

और ख़ामोशी ने दीवाना बना छोड़ा…

 

अगर हमसे न करनी थी मोहब्बत तो ज़ालिम

हमसे यूँ मुलाक़ातें न की होतीं

कि तेरी नज़दीकियों ने हमें ग़ाफ़िल

और दूरी ने पागल बना छोड़ा ।

8 thoughts on “पागल बना छोड़ा”

  1. अगर हमसे न करनी थी मोहब्बत तो ज़ालिम

    हमसे यूँ मुलाक़ातें न की होतीं

    कि तेरी नज़दीकियों ने हमें ग़ाफ़िल

    और दूरी ने पागल बना छोड़ा ।

    Best line

    Liked by 1 person

  2. Satch meii yaar aapke kutch post padh k mujhe paagal banaa daala h…………waqt kii kammi k chltee maii aapke saare posts’ nii padh skta hu lekin waqt jarur nikaluga…………aap v hmare blog pe ek nazar daale, agr pasand aaye to like kree or apna valuable suggestion de.

    Liked by 2 people

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