गीता

हुई भोर और शंख बजे और ध्वज सबके लहराए, कुरुक्षेत्र में, धर्मयुद्ध में आर्यावर्त्त के शूर लड़ने आए ।

आज संपूर्णता से मिलन का दिन है

इन पेड़ों को देखो, महसूस करो इनका रोयाँ-रोयाँ आज आनंदित है, आज वर्षा के चुंबन का दिन है आज संपूर्णता से मिलन का दिन है ।