श्रीलाल शुक्ल जी की राग दरबारी

राग दरबारी सिर्फ़ एक उपन्यास नहीं बल्कि एक दर्पण है जिसमें तत्कालीन भारत और उसमें हो रहे राजनीतिक, सामाजिक और नैतिक पतन का चित्र उभरकर हमारे सामने आता है । १९६० के दशक का भारत, उसकी चुनौतियाँ, उन चुनौतियों से निपटने के लिए एक तरफ़ तो कुछ कामयाब होतीं और कई नाकाम होतीं सरकारी योजनाएँ… Continue reading श्रीलाल शुक्ल जी की राग दरबारी